Monday, March 18, 2013


मेरे देव,
मैंने कभी भी ख़ुशी से ,
ख़ुशी की ओर  नहीं देखा ,
अनचाहे से दुःख से ही खुद  को ,
बस दुखी ही होते देखा ,
मुझे मालूम है कि 
तुम्हारा इंतज़ार 
करना ही है 
इसलिए कभी भी 
बदलते मौसमों 
की ओर नहीं देखा 

2-
पति के जन्म-दिवस पर 
मेरे ....
अगम ही
 परमात्मा का 
सर्वोच्च मंदिर हैं,
इसलिए 
साक्षात् देवता 
की पूजा करना
 मुझे सदैव ही
 भला लगता है 
.................तुम्हारी 

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